उत्तर:–
मूर्तिकला लंबे समय से भारतीय कला और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। भारतीय मूर्तिकला धर्म, संस्कृति और कला से प्रभावित है।
भारतीयों ने बहुत समय पहले मिट्टी की छोटी-छोटी आकृतियाँ बनाई थीं। बाद में, मौर्य काल के दौरान, अशोक स्तंभों की तरह पत्थर से बनी मूर्तियां बनाई गईं। गुप्त काल में और भी अधिक विस्तृत मूर्तियां देखने को मिलीं। अजंता और एलोरा की गुफाएं अपनी नक्काशीदार मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध हैंं । मध्ययुगीन होयसल मंदिर और चोल कांस्य इसके उदाहरण हैं।
आजकल, भारतीय मूर्तिकला अभी भी बदल रही है और नई सामग्रियों और कलात्मक विचारों के साथ परिवर्तन हो रही है। सुबोध गुप्ता, अनीश कपूर और रविंदर रेड्डी जैसे मूर्तिकार अपने अनोखे काम के लिए जाने जाते हैं।
कुल मिलाकर कह सकते हैं कि भारतीय मूर्तिकला पूरे इतिहास में देश की विविध संस्कृति और परंपराओं को दर्शाती है।